जल ही जीवन है। जी हाँ! इसमें कहीं दो राय नहीं है। हमारा शरीर हो या पृथ्वी, दोनों में ही भरपूर जल है और इसी से यह पृथ्वी भी चल रही है और हम भी, लेकिन उसके लिए निरंतर शुद्ध जल की आवश्यकता है। दूषित जल न शरीर को मंजूरContinue Reading