क्या कहूँ अब तुझसे मेरे प्रभु ओ सावरें तुझे ढूंढ़ा करते हर पल मेरे ये नैन बावरे जिंदगी के मायने भी तुझसे जिंदगी की आस भी तुझसे मेरी हर साँस भी तुझसे मेरा हर वज़ूद भी तुझसे अधरों पर मधुरमयी मुस्कान प्रेम की अनोखी पहचान करें हर पल तेरा गुणगानContinue Reading

वर्ष 2020,  आज तुम्हारे लिए कुछ लिखने को हृदय प्रेरित हुआ है, सोचती हूँ कहाँ से शुरू करूँ इसे, क्योंकि अत्यंत ही महत्त्वपूर्ण साल जिसको जीवन की डायरी से कभी भुलाया नहीं जा सकता है।इस कोरोना काल ने सुख दुख दोनों को प्रतिबिंबित किया है। सुख परिवार का जिसे विगतContinue Reading

जब जब छूटता भरोसा आशंका लेती जन्म हर गतिविधि संदिग्ध उलझ जाते करम अपनी ही आशंकित सोच डर से होता निढाल मन मति भ्रमित दृश्यावली सहम जाता अंतर्मन कभी कुत्ते का रोना कभी कौवा कांव कांव बुरी घटना की आशंका भरता मन का भाव युद्द का समाचार मिलता मृत्यु कीContinue Reading