कल का दिन मेरा बड़ा प्यारा था अठखेलियों का अद्भुत नज़ारा था सड़क पर पैदल मैं चल रही थी आँखें मेरी ताक झाँक कर रही थी तभी नज़र आए मुझे वो तीन बंदर गांधीजी की नव प्रतिमा के ऊपर अठखेलियाँ कर वो सब नाच रहे थे मन की बात बयांContinue Reading

मैं भारत माता साक्षात् तुम्हारे समक्ष हूँ हृदय शूल वेदना से, आकुल व्यथित प्रत्यक्ष हूँ। मेरे वीर बेटों को चीनी ने मार दिया मेरी छाती पर दी गहरी चोट और वार किया मेरे अंगों के टुकड़े देख कर क्या तुममें अब भी अगन नहीं ज्वलित होती अब और धीर नहींContinue Reading