सोचिए किस किसान का बेटा किसान है! नए दौर की कब बनेगी यहाँ पर पहचान है परिवर्तन को स्वीकार करना होता मुश्किल आंदोलन ख़त्म पर अब भी अधूरी मंज़िल आलू प्याज़ टमाटर सड़कों पर फेंके जाते ग़रीब बेरोज़गार भूख से पीड़ित मर जाते राजनीति में उलझ गई किसानों की कश्तीContinue Reading

छठ मैया सुन लो मेरी अर्ज़ करूँ मैं तेरी हाथ जोड़ विनती करूँ नाम भजुं मैं तेरी छठ मैया सुन लो मेरी…. छठ पूजा का लोक त्यौहार साल में आए दो दो बार खुश होते घर परिवार दूर करे सब मन विकार सूर्य देव को देते अर्घ चार दिनों काContinue Reading

एक छोटी सी कहानी – संगठन छह पौधे लगाए गये।माली सब को बराबरी से उन पौधों को सीच रहा था और देखते ही देखते सारे एक साथ बढ़ते गए। एक दिन बहुत तेज आँधी चली, पर कोई भी क्षतिग्रस्त नहीं हुआ, क्योंकि सब बराबर लंबाई और मजबूती के साथ खड़ेContinue Reading