मेरे मन को ले जा रही है ये हवाएं आसमाँ की ओर अब इन हवाओं से क्या कहूँ इरादों को पंख लग गए हैं अब कौन बांध पाएगा निगाहों में टिकी है मंज़िल अर्जुन की तरह लक्ष्य साधे बस उस ओर बढ़ चला हूँ नहीं इसे कोई रोक पाएगा इनContinue Reading

भारत के संविधान पर देश की गरिमा को तार-तार किया अपनी ओछी हरकतों से तिरंगे की शान को बेज़ार किया चंद किसानों के वेश में  इंसानियत को बड़ा लाचार किया भारत माता की छाती पर ये कैसा सबने मिल वार किया लाल किले के प्राचीर से अपने संस्कारों को शर्मसारContinue Reading

हाथ में तिरंगा लेकर झूम रहा जग सारा है मेरा भारत सबसे आगे जय हिंद का नारा है… गणतंत्र दिवस 26 जनवरी राष्ट्रीय पर्व न्यारा है देश भक्ति का ज़ज्बा रख माँ  को नमन हमारा है हाथ में तिरंगा लेकर…. कदम – कदम ताल मिलाकर जाँबाज लहू पुकारा है देशभक्तोंContinue Reading

शहीद की माँ हर आहट पर बैचैन है गाँव की पगडंडी पर बीत रही रैन है तिरंगा लिपटा पार्थिव देह अमर सपूत मुंतजिर हृदय ग़मगीन अश्रुपूरित नैन है।