गांव की माटी में सौंधी खुशबू महकती हर साँसों में खेतों में मधुर राग की झनकार बैलों के घुँघरूओं में हल चलाकर आनंद बिखरता उमंग उठती फसलों में लहलहाते वृक्ष झूमती शाखाएँ पुरवाई के झोंकों में कोपलों से खिलता परिवेश गांव का घरौंदे चिड़ियाओं के कोटरों में निश्चल स्वभाव सच्चेContinue Reading

छठ मैया सुन लो मेरी अर्ज़ करूँ मैं तेरी हाथ जोड़ विनती करूँ नाम भजुं मैं तेरी छठ मैया सुन लो मेरी…. छठ पूजा का लोक त्यौहार साल में आए दो दो बार खुश होते घर परिवार दूर करे सब मन विकार सूर्य देव को देते अर्घ चार दिनों काContinue Reading