सर पर खुला आकाश पांव ज़मीं पर, ठंडे पवन के मस्त झोंके ,तन पर गिरती टप-टप बारिश की बूँदों ने रोम-रोम को पुलकित किया और प्रेरित किया मनोरम दृश्य के कुछ सुंदर भावों को पन्नों पर अंकित करने का, वही आपके समक्ष लेखनी के माध्यम से अभिव्यक्त कर रही हूँ।Continue Reading

दुख से ऊपर उठकर जीना मानव जीवन की पहचान है माना चिर सुख की चाहत हर दिल का अरमान है। पल पल समय बदलता अंधेरे के बाद ही तो उजाले का विधान है। दुख से ऊपर उठकर जीना मानव जीवन की पहचान है।  रात न आती तो क्या हम देखContinue Reading