बादलों की ओट में छिपा सूरज बरसते मेघों का स्वागत करते हैं नयनों में सजा कर सुंदर सपने नए अम्बर का आगाज़ करते हैं खेतों में चंचल सुघड़ यौवन उमड़ा पूरवाई में गज़ब उमंग ढेरों मस्ती खिले जीवन का पल-पल देखो अंतर्मन को परिष्कार करते हैं धानी चूनर ओढ़े वसुंधराContinue Reading

सावन का सोमवार महादेव का श्रृंगार बम बम भोलेनाथ कृपा करो बारंबार हाथ में लेकर डमरू शिव ही प्रबंधन गुरु गले में सर्पन माला नमन वंदन मैं करूँ महादेव का तांडव डर गए देव दानव जटा में है गंगा धार पूजन करते मानव शिव है त्रिशूलधारी प्रलय असुर संहारी नटराजContinue Reading

मन मोहिनी श्रृंगार तन सजाये आईने में अपना ख़्वाब बसाये खूबसूरती देख ख़ुद हुई बावरी मदमस्त दर्पण अति शरमाये। होठों पर लाली नयन कजरारे हाथों में कंगन नीले हरे सुनहरे नारी का अस्तित्व खिला रूप लज्जा प्रेम स्नेह सौम्य नखरारे। प्रियतम की आस  प्रेम अलंकार बहे आकुल सांसे मौन मनContinue Reading