मन में बल्लियां खिल रही है निमंत्रण घर द्वार आया है सुनो सुनो सब दुनियाँ वालों आज दावत पर बुलाया है कुछ पुरानी बातें याद आई वो समय अंखियों में समाया है परिवार में सात्विक प्रेम मित्र रिश्तेदारों में स्नेह का साया है। जब साल का मिलता एक निमंत्रण मनContinue Reading

कोरोना ने सिखाया शिष्टाचार एक दूजे को करते नमस्कार बड़ो का सम्मान छोटों से प्यार हमारी सभ्यता,संस्कृति और संस्कार। अमूल्य आभूषण व्यक्तित्व का श्रृंगार जब होता जीवन में शिष्टाचार उत्तम समाज का सुदृढ़ आधार सहयोग विनम्रता ममता उच्च विचार। निश्चल प्रेम सद्भावना सद्व्यवहार प्रथम सीख देता परिवार गुरु ज्ञान सेContinue Reading