अपने हिस्से की भूख दबाकर माँ बच्चे को रोटी खिला देती है रोटी में अमृत की बूंदे समा कर प्यार का गागर छलका देती है।  वही बच्चे बड़े होकर भूल जाते बचपन का प्यार दुलार संस्कार न ध्यान रखते न ही सेवा करते बुढ़ापे में छोड़ते  साथ कई बार। पल-पलContinue Reading

बचपन से पचपन के सफ़र में सच्चा मित्र बनकर साथ दिया मेरे दिल में भरे ढेरों सवालों का पल – पल सही तूने जवाब दिया भटके मन की व्यथा को कम कर मन को एकाग्र शांति सुकून दिया कभी मुझे हँसाकर कभी रुलाकर सशक्त शिक्षा प्रेरणा सद्गुण दिया पुस्तक लेContinue Reading

मन में बल्लियां खिल रही है निमंत्रण घर द्वार आया है सुनो सुनो सब दुनियाँ वालों आज दावत पर बुलाया है कुछ पुरानी बातें याद आई वो समय अंखियों में समाया है परिवार में सात्विक प्रेम मित्र रिश्तेदारों में स्नेह का साया है। जब साल का मिलता एक निमंत्रण मनContinue Reading

भारत के संविधान पर देश की गरिमा को तार-तार किया अपनी ओछी हरकतों से तिरंगे की शान को बेज़ार किया चंद किसानों के वेश में  इंसानियत को बड़ा लाचार किया भारत माता की छाती पर ये कैसा सबने मिल वार किया लाल किले के प्राचीर से अपने संस्कारों को शर्मसारContinue Reading

चारों ओर धूम मची हुई है, उत्साह एवं उमंग से तैयारियां चल रही है, मेहमानों की ख़ातिर हो रही है, अद्भुत समाँ बंधा हुआ है, रौनक सजी हुई है, फूलों से सजा सुन्दर मंडप, पंडितों द्वारा मंगल गान और मंत्रोच्चार की गूँज पूरे सभागार में सुनाई दे रही है।ओम मंगलम्Continue Reading

आज मन व्याकुल है,उसने बताया वो फिर इसी शहर में है। वो दिन भी क्या दिन थे जब मन पंख उठाकर उड़ता था, घंटों एक दूजे के संग बैठे होते थे और आंखों में प्रेम का महासमुंद्र हिलोरें लेता था,पुरवाई अंगड़ाई लेकर प्रेम के राग सुनाती थी, एक दूजे कोContinue Reading

  किसने कहा युवाओं में संस्कार नहीं होते शायद हमसे ही कई उपकार नहीं होते कहते हैं युवा पीढ़ी संस्कार खोने लगी है  सच है हमसे परवरिश में भूल होने लगी है। आक्षेप तो हर पीढ़ी ने पीढ़ी को दिया है पर वृक्ष के इस बीज़ को किसने सृजन कियाContinue Reading

संस्कार कोई किताबी ज्ञान नहीं है, न ही पेड़ों पर उगता है बल्कि यह बचपन से ही माता-पिता, शिक्षक, समाज और आसपास के वातावरण से सृजित होता है। संस्कार हमारे आचरण से, व्यवहार से और सद्कर्मों से बनते हैं।माँ – बाप तो सारे ही अच्छे हैं और सभी अपने बच्चोंContinue Reading