आज़ाद परिंदों की तरह उड़ान मिले स्वयं का वज़ूद भरपूर सम्मान मिले मानव अधिकारों का हनन ज़ुल्म सितम नए परवाज़ के साथ उठाए जाते कदम राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का गठन अनेकता में एकजुटता परिभाषित प्रबंधन शिक्षा स्वास्थ आर्थिक मूलभूत जीवन सुविधा सुरक्षित माहौल भेदभाव रहित सुंदर विधा अधिकारों काContinue Reading

खंड खंड काल खंड में भारत की सीमाओं ने गहरी चोट खाई है विभाजित बीज़ सृजित कर पुरातन संस्कृति को दफनायी है आज़ादी के बरसों बाद भी वंदेमातरम् विरोधी ध्वनि सुनाई है तुष्टीकरण की राजनीति से नेताओं ने की बड़ी रुसवाई है भूत भूलकर अब भविष्य काल में जनता नेContinue Reading

वैक्सीन नहीं है तो क्या हुआ रोज न जाने कितने मर रहे हैं संवदेना जता हम चल रहे हैं हौसलों से हल निकल रहे हैं भागदौड़ में भी संभल रहे हैं। दवा नहीं पास तो क्या हुआ दुआ से हर लम्हें संवर रहे हैं मास्क से सब दूरी बना रहेContinue Reading

जातकर्म संस्कार जातकर्म संस्कार चौथा संस्कार, जो संतान के जन्म के तुरंत उपरांत का संस्कार है। दैवीय कृपा से बच्चा हमारे सामने प्रत्यक्ष होता है,यह सत्य है कि माँ बिना इस धरती पर आना सम्भव नहीं है, इसलिये माँ साक्षात् देवी है।जातकर्म संस्कार में हमारे घर के प्रभावशाली बुज़ुर्गो जैसेContinue Reading