जातकर्म संस्कार जातकर्म संस्कार चौथा संस्कार, जो संतान के जन्म के तुरंत उपरांत का संस्कार है। दैवीय कृपा से बच्चा हमारे सामने प्रत्यक्ष होता है,यह सत्य है कि माँ बिना इस धरती पर आना सम्भव नहीं है, इसलिये माँ साक्षात् देवी है।जातकर्म संस्कार में हमारे घर के प्रभावशाली बुज़ुर्गो जैसेContinue Reading

जय श्री कृष्णा हिन्दू धर्म की संस्कृति संस्कारों पर ही आधारित है। 16 संस्कारों में पहला गर्भाधान संस्कार है। नए भवन के निर्माण के समय एक राम की ईंट से पूरा भवन राममय बन जाता है, उसी प्रकार आप संतान के सृजन की प्रक्रिया में ईश्वर की आराधना को शामिलContinue Reading