शहीद की माँ हर आहट पर बैचैन है गाँव की पगडंडी पर बीत रही रैन है तिरंगा लिपटा पार्थिव देह अमर सपूत मुंतजिर हृदय ग़मगीन अश्रुपूरित नैन है।

देश की सरहद पर खड़े  सेनानी कहलाते शूरवीर देश को स्वच्छ कर अपना दायित्व निभाते कर्मवीर शूरवीर बांध सर पर कफ़न देश की रक्षा में मर मिटता है कर्मवीर दिन रात जुट कर देश की सेवा में जगता है मातृभूमि की आज़ादी में दिया जिन्होंने बलिदान हमें बढ़ाना है उनContinue Reading