अपने हिस्से की भूख दबाकर माँ बच्चे को रोटी खिला देती है रोटी में अमृत की बूंदे समा कर प्यार का गागर छलका देती है।  वही बच्चे बड़े होकर भूल जाते बचपन का प्यार दुलार संस्कार न ध्यान रखते न ही सेवा करते बुढ़ापे में छोड़ते  साथ कई बार। पल-पलContinue Reading

रोटी और बेलन जैसे दिया बाती जैसे पति पत्नी संगी और साथी। रोटी और पृथ्वी दोनों ही गोलाकार एक पेट की आहार दूजी सौर की आधार। रोटी और सब्ज़ी रोटी भरती पेट सब्ज़ी देती स्वाद अच्छा मेल मिलाप। रोटी कपड़ा मकान मूलभूत सारे समान दो जून मिले रोटी ग़रीब काContinue Reading