रोटी और बेलन जैसे दिया बाती जैसे पति पत्नी संगी और साथी। रोटी और पृथ्वी दोनों ही गोलाकार एक पेट की आहार दूजी सौर की आधार। रोटी और सब्ज़ी रोटी भरती पेट सब्ज़ी देती स्वाद अच्छा मेल मिलाप। रोटी कपड़ा मकान मूलभूत सारे समान दो जून मिले रोटी ग़रीब काContinue Reading

कर्म ही धर्म है कर्म ही पूजा है कर्म ही खुशी है कर्म ही आनंद है कर्म ही धर्म है कर्म ही पूजा है इसके बिना नहीं कुछ और दूजा है… कर्म ही धर्म है कर्म ही पूजा है… अपने बाजुओं में कर भरोसा कर्तव्य पथ पर अग्रसर हो कर्मContinue Reading