टेसु से सजा महकता बाबुल का आँगन फागुनी हवा में खुशबु चहुँ ओर छाई है सितार वाद्य संग हो रहा शहनाई वादन साजन से प्रेम मिलन रुत देखो आई है माँ की आँखे नम चेहरे पर खुशी लेकर कलेजे के टुकड़े को दे रही वो विदाई है लाड प्यार सेContinue Reading

मन में बल्लियां खिल रही है निमंत्रण घर द्वार आया है सुनो सुनो सब दुनियाँ वालों आज दावत पर बुलाया है कुछ पुरानी बातें याद आई वो समय अंखियों में समाया है परिवार में सात्विक प्रेम मित्र रिश्तेदारों में स्नेह का साया है। जब साल का मिलता एक निमंत्रण मनContinue Reading