सलाम लिखता है शायर तुझे ए मेरी शायरी मोहब्बत के नाम छपी हसीनाओं की डायरी इश्क़ की रंगत खिली दिल में जादू सा नशा बीत रहा ये साल नए कैलेंडर की हुई तैयारी। 

इश्क़ का उठ रहा जनाज़ा है,कई दफ़ा तराशा है दर्द उठ रहा है सीने में,बेवफ़ाई में टूटा भरोसा है गलतफ़हमी हुई बरबाद हुए, कौन करेगा यक़ीन शहर में रुसवाई है, हर तरफ़ यार का तमाशा है।

आज मन व्याकुल है,उसने बताया वो फिर इसी शहर में है। वो दिन भी क्या दिन थे जब मन पंख उठाकर उड़ता था, घंटों एक दूजे के संग बैठे होते थे और आंखों में प्रेम का महासमुंद्र हिलोरें लेता था,पुरवाई अंगड़ाई लेकर प्रेम के राग सुनाती थी, एक दूजे कोContinue Reading

क्या कहूँ अब तुझसे मेरे प्रभु ओ सावरें तुझे ढूंढ़ा करते हर पल मेरे ये नैन बावरे जिंदगी के मायने भी तुझसे जिंदगी की आस भी तुझसे मेरी हर साँस भी तुझसे मेरा हर वज़ूद भी तुझसे अधरों पर मधुरमयी मुस्कान प्रेम की अनोखी पहचान करें हर पल तेरा गुणगानContinue Reading

प्रेम सुकून चैन सुख शांति के सपने पूरे हुए ख्वाहिशें अब और नहीं बची जब से तुम मेरे अपने हुए ये कहने को भले ही लगता बड़ा शानदार ख़्वाहिशों के बिन सबकी ज़िंदगी होती बेज़ार रंगीन टीवी पर हमें दिखाई देती खूबसूरत छवि ब्लैक एंड व्हाइट में बेकार जिंदगी केContinue Reading