शक्ति जीवन की ऊर्जा सहयोग हो या प्रतिस्पर्धा दृढ़ अनुकूल विचारों से बढ़ती हमारी क्षमता और योग्यता। मन में शक्ति का वास ग़ज़ब का होता आभास काल चक्र का पहिया भी हो जाता इसका दास। शिव शक्ति प्रकृति के आधार दिव्य हूणों के अद्भुत भंडार जगत मूल के दोनों तारणहारContinue Reading

नारी समाज का आभूषण, नारी देश की शान, घर को देकर बहुमूल्य सेवा, बढ़ाती अपनों का सम्मान। नारी बिना पुरुष अधूरा, पुरुष बिना अधूरी नारी, दोनों सम्पूर्ण एक दूजे संग, हमसफर बन गुजारे जिंदगी सारी। नारी के मातृत्व रूप पर, ईश्वर भी बलिहारी जावे, माँ बनकर जीवन देवे, सृष्टि मेंContinue Reading