प्रेम सुकून चैन सुख शांति के सपने पूरे हुए ख्वाहिशें अब और नहीं बची जब से तुम मेरे अपने हुए ये कहने को भले ही लगता बड़ा शानदार ख़्वाहिशों के बिन सबकी ज़िंदगी होती बेज़ार रंगीन टीवी पर हमें दिखाई देती खूबसूरत छवि ब्लैक एंड व्हाइट में बेकार जिंदगी केContinue Reading

इक उम्र लगती है जीवन को समझने में रिश्तों को पिरोने में अनुभव को बटोरने में इक उम्र लगती है किनारों को ढूंढने में साहिल से तैरने में हवाओं को रोकने में इक उम्र लगती है शहर को बसने में गाँव को भूलने में बेगानों संग जीने में इक उम्रContinue Reading