प्रेम सुकून चैन सुख शांति के सपने पूरे हुए ख्वाहिशें अब और नहीं बची जब से तुम मेरे अपने हुए ये कहने को भले ही लगता बड़ा शानदार ख़्वाहिशों के बिन सबकी ज़िंदगी होती बेज़ार रंगीन टीवी पर हमें दिखाई देती खूबसूरत छवि ब्लैक एंड व्हाइट में बेकार जिंदगी केContinue Reading

अमावस्या की रात में  हर देहरी दीप जगमगाता  रोशनाई से धरती का  सुन्दर स्वरुप  निखर जाता भारतीय संस्कृति का  दीपावली अद्भुत त्यौहार हर आँगन चमकता  दीप मिटाता अंधकार  जगमगाती सारी धरती  खिलखिलाता संपूर्ण संसार निराशा के तिमिर छँटते आशा का होता संचार  धन धान्य की होती वृष्टि  मिलता सबको रोज़गार Continue Reading