हिमालय की गोद में स्थित देव भूमि हिमाचल प्रदेश के स्पिती वैली की रोमांचक यात्रा का ग्यारहवां अंतिम दिन – कुफरी से जयपुर पंछी कितना ही आसमान में उड़ ले लेकिन शाम को वो अपने घोंसले में लौट आता है,माना गति ही जीवन है, पर ठहराव भी ज़िंदगी का अभिन्नContinue Reading

सर पर खुला आकाश पांव ज़मीं पर, ठंडे पवन के मस्त झोंके ,तन पर गिरती टप-टप बारिश की बूँदों ने रोम-रोम को पुलकित किया और प्रेरित किया मनोरम दृश्य के कुछ सुंदर भावों को पन्नों पर अंकित करने का, वही आपके समक्ष लेखनी के माध्यम से अभिव्यक्त कर रही हूँ।Continue Reading