नन्हें हाथों में होता मखमली स्पर्श का प्यारा एहसास अनुभूति होती अद्भुत गोद में बच्चे का माँ पर विश्वास बच्चों की किलकारियों से गूंजता घर का हर कोना आँगन मानों कोई फुलवारी महकती बगिया में जीवन का प्रांगण पति पत्नी के प्रेम की नींव से सृजन हो जाता वट वृक्षContinue Reading

सीता मैया की संसद में हुई जय जयकार न आंख मारी न गले लगी कैसी ये सरकार बजट पेश किया विपक्ष में मचा हाहाकार अच्छा सब कुछ फिर भी करना है प्रतिकार विपक्ष में होने का यही सीख ये ही संस्कार सत्ता पक्ष के लिए यह हमेशा होता शानदार चुपचापContinue Reading

आज मन व्याकुल है,उसने बताया वो फिर इसी शहर में है। वो दिन भी क्या दिन थे जब मन पंख उठाकर उड़ता था, घंटों एक दूजे के संग बैठे होते थे और आंखों में प्रेम का महासमुंद्र हिलोरें लेता था,पुरवाई अंगड़ाई लेकर प्रेम के राग सुनाती थी, एक दूजे कोContinue Reading