कभी जहर खाकर तो कभी फंदा लगाकर कभी ऊंचाई से गिरकर तो कभी खुद को जलाकर क्यों करते हो आत्महत्या! मरने का इतना साहस है तुममें तो जिंदा रहने की कोशिश कर जाते नई ताक़त नई शक्ति लगाकर जीने की मिशाल बन दिखाते। कमज़ोर तन के मजबूत इरादे देख जीवनContinue Reading

गिर कर थपेड़े वक़्त के खाती रही हूँ मैं फिर से चलने का साहस बढ़ाती रही हूँ मैं मंज़िल की ओर निरंतर जाती रही हूँ मैं हर पल हर दिन नई ऊर्जा लाती रही हूँ मैं। आत्मबल से पूरित हो जाए मेरा पूरा जीवन उत्साह उमंग आनंदित उल्लासपूर्ण हो मेराContinue Reading