सीता मैया की संसद में हुई जय जयकार न आंख मारी न गले लगी कैसी ये सरकार बजट पेश किया विपक्ष में मचा हाहाकार अच्छा सब कुछ फिर भी करना है प्रतिकार विपक्ष में होने का यही सीख ये ही संस्कार सत्ता पक्ष के लिए यह हमेशा होता शानदार चुपचापContinue Reading

वो अधूरी शाम, कई अनकही बातें, खामोश लम्हें,तेरा पहला दीदार, इज़हार ए ख्वाब अभी काफ़ी है, तुम्हारा इंतज़ार अभी बाकी है।  एक लम्बी सी काली कार से, उतरते दो लम्बे पाँव, गुलाबी जैकेट से खिला तुम्हारा तन, भीड़ को देख कर, मुस्कुराती तुम्हारी निगाहें, स्वच्छ भारत के लिये, आह्वान करतीContinue Reading