सावन का सोमवार महादेव का श्रृंगार बम बम भोलेनाथ कृपा करो बारंबार हाथ में लेकर डमरू शिव ही प्रबंधन गुरु गले में सर्पन माला नमन वंदन मैं करूँ महादेव का तांडव डर गए देव दानव जटा में है गंगा धार पूजन करते मानव शिव है त्रिशूलधारी प्रलय असुर संहारी नटराजContinue Reading

जो ख़ुद ही ज़हर पी जाते हैं  दूसरों पर अमृत छलकाते हैं  वही नीलकंठ महादेव कहलाते हैं।  आसां नहीं ज़हर ख़ुद के लिए रखना फूलों को छोड़ कर कांटों पर चलना कड़वाहट के घूंट गले से यूँ निगलना। ऐसा सिर्फ वो इंसां कर सकता है जो अपना कलेजा बड़ा रखताContinue Reading

सबमें अलग-अलग विशेषता है, सबकी अपेक्षाओं के अनुरूप होना सबके लिए बहुत मुश्किल है, सबको साथ लेकर चलने में अधिकतर हम झल्ला जाते हैं क्योंकि सबकी आदतें अलग है, तरीका अलग है, पर हमें राजनेताओं से सीखना चाहिए, कितने लोगों को उन्हें संभालना होता है, सबको साथ लेकर चलना होताContinue Reading