सिंदूर,बिंदिया,चूड़ी,मेहंदी,झूमके,पायल,नथ सावन की रिमझिम बूँदों में पिया मिलन की है रुत आई अश्रु भरे मेरे नयन कटोरों में कहाँ छुपा है तू ओ हरजाई यौवन सज कर खड़ा द्वार पर प्रीतम अब तो तुम आ जाओ सिंदूरी लाली की छटा मुख पर कहती प्रेम का रस बिखराओ माथे की लालContinue Reading

आज म्हारे घर गणगौर माता आई है पूजा करण सारी सखियाँ संग लाई है माथे पर चुन्दड़ लाल सजाई है सगला रे मन में खुशियां खूब छाई है कुमकुम टीका रोली चंदन हाथ जोड़ करें सब शुभ वंदन गीत सुरों री लहरी सजाई है चंग री थाप सू मन हर्षायीContinue Reading