सर पर खुला आकाश पांव ज़मीं पर, ठंडे पवन के मस्त झोंके ,तन पर गिरती टप-टप बारिश की बूँदों ने रोम-रोम को पुलकित किया और प्रेरित किया मनोरम दृश्य के कुछ सुंदर भावों को पन्नों पर अंकित करने का, वही आपके समक्ष लेखनी के माध्यम से अभिव्यक्त कर रही हूँ।Continue Reading

पल भर में ये क्या हो गया, वो मैं गयी वो मन गया – बेहद खूबसूरत पंक्ति इस गीत की, जब भी सुनो मन कहीं खो जाता है। मन के अंतर्मन में संजोए अनगिनत सपने जहाँ सिर्फ प्रेम ही प्रेम है। उम्र के ऐसे दौर पर,जिसमें मन के कोने मेंContinue Reading