कुछ बातें लिखी हुई मेरे मन की, वो पुराने अखबार ले आओ बेपनाह मोहब्बत थी हमें कभी,वो पुराने एतबार ले आओ  यादों में बिखरे हुए कई अनकहे वादे, लफ्ज़ और ज़ज्बात  मेरी दिलकश आँखों में फिर से, वो पुराने खुमार ले आओ।

नन्हें हाथों में होता मखमली स्पर्श का प्यारा एहसास अनुभूति होती अद्भुत गोद में बच्चे का माँ पर विश्वास बच्चों की किलकारियों से गूंजता घर का हर कोना आँगन मानों कोई फुलवारी महकती बगिया में जीवन का प्रांगण पति पत्नी के प्रेम की नींव से सृजन हो जाता वट वृक्षContinue Reading