कवि की काव्य कृति छंद लय बद्ध रीति  साहित्य की अविरल रस गंगा अद्भुत मीठी  मनोभावों की मोहिनी कलात्मक अभिव्यक्ति  हृदय तलब सुखद सुमधुर प्राचीन संस्कृति। कभी काव्य में कोमल सरस भाव बताता  कभी व्यंग्य से तीखे शब्द भरे बाण चलाता ओजस्वी काव्य से राष्ट्र नव चेतना जगाता  श्रृंगार हास्यContinue Reading

तुझे बाहों में भरकर,    झूमने का मन करता है, आसमाँ में चाँद सितारों को,छूने का मन करता है। ख्वाहिशें-ऐ- जिन्दगी,बस इतनी सी है,इस खूबसूरत रंगीन दुनियाँ में,ताउम्र संग जीने को मन करता है।तेरे प्यार ने मुझे सँवारा है,तेरी हर अदा ने मुझे निखारा है,तू पास है मेरे तो यूँ लगे, ये पूराContinue Reading

प्रेम और भक्ति रस से सरोबार श्री लंका की यात्रा। रामायण हमारे भारत का संस्कृत में लिखा पौराणिक अनुपम महाकाव्य है,जिसके रचयिता आदि महाकवि श्री वाल्मीकि जी हैं।इस महाकाव्य के माध्यम से रघुवंशी राजा भगवान राम जी के गौरव गाथा का विवरण है।रामायण के इस महाकाव्य में भगवान श्री रामContinue Reading