कुछ बातें लिखी हुई मेरे मन की, वो पुराने अखबार ले आओ बेपनाह मोहब्बत थी हमें कभी,वो पुराने एतबार ले आओ  यादों में बिखरे हुए कई अनकहे वादे, लफ्ज़ और ज़ज्बात  मेरी दिलकश आँखों में फिर से, वो पुराने खुमार ले आओ।

तीखे नैनों ने मन मोह लिया सूर सरगम ने अवरोह किया  अकुलाहट बढ़ गई दिल में लाज का घूंघट खोल दिया।