सर पर खुला आकाश पांव ज़मीं पर, ठंडे पवन के मस्त झोंके ,तन पर गिरती टप-टप बारिश की बूँदों ने रोम-रोम को पुलकित किया और प्रेरित किया मनोरम दृश्य के कुछ सुंदर भावों को पन्नों पर अंकित करने का, वही आपके समक्ष लेखनी के माध्यम से अभिव्यक्त कर रही हूँ।Continue Reading

ख़्वाबों की होली मैंने तेरे संग खेली ख़्वाबों की होली,  दिल की बात अब तक मैंने तुमसे नहीं है बोली।  कोई रंग न लगाया कोई गुलाल न उड़ाया मनमोहक ये रूप तेरा  मैंने मन में है सजाया। मेरी ख़्वाबों से निकलो बाहर आ जाओ खेले होली,  दिल की बात अबContinue Reading