हाथों में लगती मेहंदी बालों में सजता गज़रा माथे पर सोहती बिंदी खन खन करता कंगना। उफ्फ ये सोलह श्रृंगार औरत की खुबसूरती अपार दिल में होता खूब प्यार हरियाली तीज़ का त्यौहार। तीज़ के पूर्व होता सिंजा़रा यह दिन होता बड़ा प्यारा रिश्तों में घुलती मिठास महकता घर आँगणContinue Reading

प्रेम और भक्ति रस से सरोबार श्री लंका की यात्रा। रामायण हमारे भारत का संस्कृत में लिखा पौराणिक अनुपम महाकाव्य है,जिसके रचयिता आदि महाकवि श्री वाल्मीकि जी हैं।इस महाकाव्य के माध्यम से रघुवंशी राजा भगवान राम जी के गौरव गाथा का विवरण है।रामायण के इस महाकाव्य में भगवान श्री रामContinue Reading