जयपुर के पास भानगढ दुर्ग भुतहा स्थान जहां रात को कोई नहीं आता खण्डहर में बदली संरचना पहाड़ का सौंदर्य आकर्षण फिर भी पर्यटकों को खूब भाता जल के स्त्रोत बने मंदिर भी जीवंत हैं पर डर दिल में समाता साँप बिच्छु चमगादड़ जंगली जानवरों से भरा कौतुहल विषय बनाताContinue Reading

साहित्य समाज का दर्पण जीवन की है आलोचना सत्य शिव सुंदर से तर्पण लोक मंगल की कामना साहित्य हम सबकी प्रेरणा संस्कृति हमारी है पहचान अपनी लेखनी को सहेजना राष्ट्र की है आन बान शान समाज का कर मार्गदर्शन साहित्यकार जलाते मशाल चिराग़ आलोकित प्रदर्शन प्रतिबिंबित करते विशाल काग़ज परContinue Reading

कवि की काव्य कृति छंद लय बद्ध रीति  साहित्य की अविरल रस गंगा अद्भुत मीठी  मनोभावों की मोहिनी कलात्मक अभिव्यक्ति  हृदय तलब सुखद सुमधुर प्राचीन संस्कृति। कभी काव्य में कोमल सरस भाव बताता  कभी व्यंग्य से तीखे शब्द भरे बाण चलाता ओजस्वी काव्य से राष्ट्र नव चेतना जगाता  श्रृंगार हास्यContinue Reading