आशा है विश्वास है हाँ नादानियों का अवसाद है। बद्ध पिंजर में व्याकुल दुःख का क्यों एहसास है!  बनाया मार्ग इससे बचने का मान लेना मन से यही ख़ास है। कोरोना के भय से मुक्ति धरती पुत्रों का प्रयास है। नया सूरज निकलेगा फैलेगा प्रकाश है। बूँद बूँद के अमृतContinue Reading

कैसी ये त्रासदी, कैसा ये शहर भटक रहा मज़दूर हो रहा दर बदर घर बनाने वाला ख़ुद ही हुआ बेघर    न वर्तमान न ही भविष्य की रखता ख़बर।