कोरोना ने एक दिन मुझे इतना डरा दिया कि रात सोते हुए को मुझे जगा दिया क्या मृत्यु इतनी नजदीक खड़ी है जैसे बाजूवाली की खिड़की खुली है। डर से क्या ऊपर निकल पाऊँगी सामान्य जीवन क्या वापस जी पाऊँगी डर कि लहर दौड़ने लगी थी मन में मृत्यु केContinue Reading

आज तेरहवां दिन घबराए मत! ये लॉकडाउन का तेरहवां दिन है। वैसे तेरहवां दिन बड़ा महत्वपूर्ण होता है। मृत्यु के बाद स्थूल देह सुक्ष्म रुप में रूपांतरित होकर अदृश्य हो जाती है। हिन्दू संस्कृति के अनुसार किसी की भी मृत्यु होती है तो तेरहवीं पर गंगा जल से सभी ओरContinue Reading

आशा है विश्वास है हाँ नादानियों का अवसाद है। बद्ध पिंजर में व्याकुल दुःख का क्यों एहसास है!  बनाया मार्ग इससे बचने का मान लेना मन से यही ख़ास है। कोरोना के भय से मुक्ति धरती पुत्रों का प्रयास है। नया सूरज निकलेगा फैलेगा प्रकाश है। बूँद बूँद के अमृतContinue Reading

कैसी ये त्रासदी, कैसा ये शहर भटक रहा मज़दूर हो रहा दर बदर घर बनाने वाला ख़ुद ही हुआ बेघर    न वर्तमान न ही भविष्य की रखता ख़बर। 

ताश शतरंज कैरम सिक्वेंस लूडो उनो ऑनलाइन हाउजी आप सब क्या खेल रहे हो                 हमें भी तो बता दो जी…   समझदारी ख़त्म, कोरोना की बातेँ छोड़ो, घर बैठकर आओ खेले खेल ऐसा खेल खेले हम जिसमें जीत हो चाहे हार हो मित्रों और रिश्तेदारों के साथ  आनंद जिसकाContinue Reading

पुराने एल्बमो की धूल  झाड़ने का समय आ गया है। बीती यादों के साथ अपनों से जुड़ने का समय आ गया है।