राखों के ढेर से अब भी काले धुएँ निकल रहे हैं जमीं में दफन ख़ामोशी बन दिल में धधक रहे हैं मासूम बेटी को मारकर नाले में जा गिरा दिया धिक्कार दरिंदों का दुष्कर्म  आँचल तार-तार किया। खामोश गहरी आंखे टूटते बिखरते वृद्ध  माता पिता दिल में अथाह पीड़ा जीवनContinue Reading

लघु कथा आज अपने मित्र और उसकी दो बेटियों की वास्तविक कहानी आपके समक्ष प्रस्तुत करती हूँ। दोनों बेटियों के बीच तीन साल का अन्तराल। बड़ी बेटी नैना नाम के अनुरूप खूबसूरत, मृदुल स्वभाव, मैत्री भाव, पढ़ने में अव्वल, बुद्धिमान और अनुशासित है,विद्यालय में भी सभी शिक्षिकाएं भी उसे बेहदContinue Reading