ख्वाहिशें दम तोड़ रही है उम्मींद का दामन बचा नहीं है ज़िंदगी दर्द जोड़ रही है खुशियों का आलम सजा नहीं है मुझ को नहीं हो रहा है यक़ीन क्यूँ दिल में उमस-सी तारी है बेबसी से गुजर रहा है दिन अश्कों से रात अक्सर भारी है। भीड़ में भीContinue Reading

सुख के साथी सब हैं दुख में कोई नहीं आता वो जिये या मरे सोचते लोग अपना क्या जाता सुख दुख जीवन के दो पहलू हर कोई जानता मुसीबत में साथ दे वही सच्चा साथी कहलाता काल चक्र का पहिया हर किसी को है सताता क्षण भर में जीवन काContinue Reading

जयपुर के पास भानगढ दुर्ग भुतहा स्थान जहां रात को कोई नहीं आता खण्डहर में बदली संरचना पहाड़ का सौंदर्य आकर्षण फिर भी पर्यटकों को खूब भाता जल के स्त्रोत बने मंदिर भी जीवंत हैं पर डर दिल में समाता साँप बिच्छु चमगादड़ जंगली जानवरों से भरा कौतुहल विषय बनाताContinue Reading

मन में उत्साह लिए उमंग संग जो जीवन में आगे बढ़ता है अवसाद दुखों से ऊपर उठकर जीवन में फतह करता है आत्मसंघर्षों से सीख कर मुसीबतों से हर पल लड़ता है अंधेरे को चीर कर रोशनी जलाने की हिम्मत रखता है करतब खेल तमाशा जादू दिखाने का प्रदर्शन करताContinue Reading

गांव की माटी में सौंधी खुशबू महकती हर साँसों में खेतों में मधुर राग की झनकार बैलों के घुँघरूओं में हल चलाकर आनंद बिखरता उमंग उठती फसलों में लहलहाते वृक्ष झूमती शाखाएँ पुरवाई के झोंकों में कोपलों से खिलता परिवेश गांव का घरौंदे चिड़ियाओं के कोटरों में निश्चल स्वभाव सच्चेContinue Reading

नन्हें हाथों में होता मखमली स्पर्श का प्यारा एहसास अनुभूति होती अद्भुत गोद में बच्चे का माँ पर विश्वास बच्चों की किलकारियों से गूंजता घर का हर कोना आँगन मानों कोई फुलवारी महकती बगिया में जीवन का प्रांगण पति पत्नी के प्रेम की नींव से सृजन हो जाता वट वृक्षContinue Reading

मन में बल्लियां खिल रही है निमंत्रण घर द्वार आया है सुनो सुनो सब दुनियाँ वालों आज दावत पर बुलाया है कुछ पुरानी बातें याद आई वो समय अंखियों में समाया है परिवार में सात्विक प्रेम मित्र रिश्तेदारों में स्नेह का साया है। जब साल का मिलता एक निमंत्रण मनContinue Reading

सीता मैया की संसद में हुई जय जयकार न आंख मारी न गले लगी कैसी ये सरकार बजट पेश किया विपक्ष में मचा हाहाकार अच्छा सब कुछ फिर भी करना है प्रतिकार विपक्ष में होने का यही सीख ये ही संस्कार सत्ता पक्ष के लिए यह हमेशा होता शानदार चुपचापContinue Reading

भारत के संविधान पर देश की गरिमा को तार-तार किया अपनी ओछी हरकतों से तिरंगे की शान को बेज़ार किया चंद किसानों के वेश में  इंसानियत को बड़ा लाचार किया भारत माता की छाती पर ये कैसा सबने मिल वार किया लाल किले के प्राचीर से अपने संस्कारों को शर्मसारContinue Reading

छठ मैया सुन लो मेरी अर्ज़ करूँ मैं तेरी हाथ जोड़ विनती करूँ नाम भजुं मैं तेरी छठ मैया सुन लो मेरी…. छठ पूजा का लोक त्यौहार साल में आए दो दो बार खुश होते घर परिवार दूर करे सब मन विकार सूर्य देव को देते अर्घ चार दिनों काContinue Reading