नारी समाज का आभूषण, नारी देश की शान, घर को देकर बहुमूल्य सेवा, बढ़ाती अपनों का सम्मान। नारी बिना पुरुष अधूरा, पुरुष बिना अधूरी नारी, दोनों सम्पूर्ण एक दूजे संग, हमसफर बन गुजारे जिंदगी सारी। नारी के मातृत्व रूप पर, ईश्वर भी बलिहारी जावे, माँ बनकर जीवन देवे, सृष्टि मेंContinue Reading

एक दिन अनपढ़ कवि मुझसे मिले कहा कविता कहता हूँ मैं दिल से। लिखना पढ़ना मेरे भाग्य में न था माता पिता का बचपन में सौभाग्य न था। अंदर से एक ज्वाला जगी थी कवि बनने की आशा लगी थी।  जहाँ चाह होती है वही तो राह होती है कुछContinue Reading