ये दिल ही तो है ज़नाब…. आसमाँ में दूर तलक़ उड़ना चाहता है पंख फैला कर आकाश छूना चाहता है चाँद तारों की सैर करना चाहता है समुद्री तट पर घंटों लेटे रहना चाहता है पुष्प की भीनी-भीनी खुशबू पाना चाहता है हवा के झोंकों में आवारगी करना चाहता हैContinue Reading

ख़्वाहिशों की तपिश चाँद की चाँदनी अधूरी क्यूँ है तड़प उठती मेरे सीने में दिलों की प्यास अधूरी क्यूँ है बुलबुले उठ रहे है स्वप्न जाल ये रात अधूरी क्यूँ है लबों पे ख़ामोशी घायल मन की बात अधूरी क्यूँ है चूड़ियों की खनक पायल की झंकार अधूरी क्यूँ हैContinue Reading