ज्ञान मुद्रा में बैठ कर आँखे मूँद कर महसूस किया जीवन बहुत अद्भुत है। परमात्मा की सेवा कर दैवीय भक्ति कर महसूस किया जीवन बहुत अद्भुत है। स्वयँ से प्रेम कर खुद को समर्पित कर महसूस किया जीवन बहुत अद्भुत है। संघर्षों से टकरा कर उसको हरा कर महसूस कियाContinue Reading

धरती अम्बर चाँद सितारे लगते हैं कितने प्यारे  जीवन के बंधन न्यारे   प्रीतम छूटते टूटते तारे   शोक नहीं मनाते सारे जो बीत गई वो रात है चाँद के बाद फिर से सूरज का आगाज़ है। Attachments area