खुशबू उर्वरा की हर आँगन महक रही है एक ख़्वाब एक हसरत खूब चहक रही है। सरसों बाजरा ग्वार फली की झूमती डाली चारों ओर दिखती खेत खलिहान हरियाली लहलहाते महकते ख़ुशनुमा चंदन गुलाब मन में उमड़ता खुशियों का भरपूर सैलाब। बैलों की रूणझुण जीवन में जोश बढ़ाती स्वावलंबन भावContinue Reading

आज विकास को फिर रोते पाया, फुटपाथ पर कइयों को सोते पाया, जन – धन आवास की योजना से, अधिकांश लोगों को वंचित होते पाया।  रोटी, कपड़ा और मकान,  देना होगा इस पर ध्यान। आज विकास को फिर रोते पाया, यातायात पुलिस को पेड़ों के पीछे छुपते पाया, रिश्वतखोरी कीContinue Reading