हिमालय की गोद में स्थित देव भूमि हिमाचल प्रदेश के स्पिती वैली की रोमांचक यात्रा का ग्यारहवां अंतिम दिन – कुफरी से जयपुर पंछी कितना ही आसमान में उड़ ले लेकिन शाम को वो अपने घोंसले में लौट आता है,माना गति ही जीवन है, पर ठहराव भी ज़िंदगी का अभिन्नContinue Reading

आज म्हारे घर गणगौर माता आई है पूजा करण सारी सखियाँ संग लाई है माथे पर चुन्दड़ लाल सजाई है सगला रे मन में खुशियां खूब छाई है कुमकुम टीका रोली चंदन हाथ जोड़ करें सब शुभ वंदन गीत सुरों री लहरी सजाई है चंग री थाप सू मन हर्षायीContinue Reading

हर गली हर चबूतरा चौपड़ चौराहा पगडंडी                                राजा जी के किले पहाड़ी महलों के द्वार से प्राचीन संस्कृति पुरखों का गुरूर प्रेम की थपकी                                जीवन के रंग-ए-नूर आदर सत्कार से  फीणी घेवर मिर्ची बड़े समोसे प्याज़ की कचौड़ियां                                  स्वाद की खुशबू महकती हवाओं में मोहब्बत सा हसीनContinue Reading

जलमहल मानसागर झील के मध्य बना प्राचीन ऐतिहासिक महल, जो गुलाबी नगरी जयपुर शहर का सबसे महत्वपूर्ण एवं मनोरम पर्यटक स्थल में से एक माना जाता है। चारों ओर घनी वादियों से घिरा एवं अरावली पहाड़ों के बीचो-बीच जल के अंदर बने इस महल को जयसिंह जी ने निर्मित करवायाContinue Reading

वो अधूरी शाम, कई अनकही बातें, खामोश लम्हें,तेरा पहला दीदार, इज़हार ए ख्वाब अभी काफ़ी है, तुम्हारा इंतज़ार अभी बाकी है।  एक लम्बी सी काली कार से, उतरते दो लम्बे पाँव, गुलाबी जैकेट से खिला तुम्हारा तन, भीड़ को देख कर, मुस्कुराती तुम्हारी निगाहें, स्वच्छ भारत के लिये, आह्वान करतीContinue Reading