शहीद की माँ हर आहट पर बैचैन है गाँव की पगडंडी पर बीत रही रैन है तिरंगा लिपटा पार्थिव देह अमर सपूत मुंतजिर हृदय ग़मगीन अश्रुपूरित नैन है।

जो देश की सेवा करते हैं, उनकी सेवा हम कैसे कर सकते हैं? सर्वप्रथम हमारे देश के उन जॉबाज़ सैनिकों को शत्-शत् नमन हैं, जिन्होंने देश सेवा के लिए अपने प्राणों का आहूति दे दी। देश की सेवा भारतीय इतिहास का गौरव रहा है। यहाँ हर युग में अनगिनत वीरContinue Reading