पुरुषत्व ही शिव स्वरुप शिव ही सृष्टि आधार है।  बाह्य सख्त रूखा कठोर भीतर कोमल संसार है।  सावन में करते हम पूजा शिव महिमा अपरम्पार है। शक्ति से मिलती प्रेरणा भुजा बलशाली अपार है।  तेजस्वी तेज सा व्यक्तित्व उष्म प्रकाश का भंडार है।  अर्द्धनारीश्वर का सम्मान ब्रह्मा का सृजन साकारContinue Reading

प्रेम और भक्ति रस से सरोबार श्री लंका की यात्रा। रामायण हमारे भारत का संस्कृत में लिखा पौराणिक अनुपम महाकाव्य है,जिसके रचयिता आदि महाकवि श्री वाल्मीकि जी हैं।इस महाकाव्य के माध्यम से रघुवंशी राजा भगवान राम जी के गौरव गाथा का विवरण है।रामायण के इस महाकाव्य में भगवान श्री रामContinue Reading