साधना मन की मुक्ति है, व्रत तन की शक्ति है और उपवास तन और मन दोनों की शुद्धि है।नवरात्रि पर इन तीनों का बड़ा महत्व है क्योंकि नवरात्रि आत्मनिरीक्षण और शुद्धि की अवधि है। साधना – जिज्ञासा मन के अंदर की उत्पत्ति है, इसे बाहरी दुनिया में ढूँढना तो मूर्खताContinue Reading

जल ही जीवन है। जी हाँ! इसमें कहीं दो राय नहीं है। हमारा शरीर हो या पृथ्वी, दोनों में ही भरपूर जल है और इसी से यह पृथ्वी भी चल रही है और हम भी, लेकिन उसके लिए निरंतर शुद्ध जल की आवश्यकता है। दूषित जल न शरीर को मंजूरContinue Reading