ये दिल ही तो है ज़नाब…. आसमाँ में दूर तलक़ उड़ना चाहता है पंख फैला कर आकाश छूना चाहता है चाँद तारों की सैर करना चाहता है समुद्री तट पर घंटों लेटे रहना चाहता है पुष्प की भीनी-भीनी खुशबू पाना चाहता है हवा के झोंकों में आवारगी करना चाहता हैContinue Reading

हाथों में लगती मेहंदी बालों में सजता गज़रा माथे पर सोहती बिंदी खन खन करता कंगना। उफ्फ ये सोलह श्रृंगार औरत की खुबसूरती अपार दिल में होता खूब प्यार हरियाली तीज़ का त्यौहार। तीज़ के पूर्व होता सिंजा़रा यह दिन होता बड़ा प्यारा रिश्तों में घुलती मिठास महकता घर आँगणContinue Reading

मैं थकी मांदी लौटी अपने घर बाहें पसारे बेटी खड़ी द्वार पर दौड़ कर गई रसोई घर लेकर आई एक गिलास पानी पिलाया और कहा तुम थकी हो मेरी माँ थोड़ी देर बैठो मेरे पास बताओ तुम्हारे दफ़्तर में क्या हुआ आज ख़ास कुछ देर गुफ़्तगू हुई मन हो गयाContinue Reading

सर पर खुला आकाश पांव ज़मीं पर, ठंडे पवन के मस्त झोंके ,तन पर गिरती टप-टप बारिश की बूँदों ने रोम-रोम को पुलकित किया और प्रेरित किया मनोरम दृश्य के कुछ सुंदर भावों को पन्नों पर अंकित करने का, वही आपके समक्ष लेखनी के माध्यम से अभिव्यक्त कर रही हूँ।Continue Reading

बसंत ऋतुओं का राजा, कहलाता ऋतुराज,  फ़िजा में फूलों की खुशबू,मादकता का अंदाज। कल-कल करती नदियाँ,प्रकृति की अद्भुत छटा, चाँद की चाँदनी ठंडी हवाएँ, रखती मन तरोताजा। नई स्फूर्ति, नया मंजर, नया सबका उल्लास, तितली भँवर कर गुंजन, नई खुशियों का आभास।  पीली हल्दी, पीले हाथ, पीले पहनते परिधान, विवाहContinue Reading

नव वर्ष नव आगमन उन उगते सूरज की किरणों का, उन प्रतीक्षाओं का, उन सपनों का,उन उमंगों का, उन उम्मीदों का, उन नए जोश का जो प्रतीक्षण जीने की तमन्ना बढ़ाता है, पर क्या नव वर्ष इंद्रधनुषी रंगों से हमारे जीवन में रंग भर पाएगा? क्या हमारे सपनों को साकारContinue Reading

आज नहीं थमेगा मेरा मन दिखेगा अस्तित्व का दर्पण कलम लिखेगी अल्फाज़ मचलेंगे  होगा जज़्बातो का अर्पण। कौन हूँ कहाँ से आई हूँ क्या जीवन का उद्देश्य क्या मुझे करना है अंतर्मन को कुछ कहना है।  मैं मधु निज़ अस्तित्व को ढूँढती माँ धरती को कर प्रणाम रोज सुबह होताContinue Reading

इस शहर को क्या होने लगा है!धुएँ में जिन्दगी को खोने लगा है, कश लगाकर खुश होने लगा है, नशे में खुद को डुबोने लगा है। माना इस जहाँ में सब अधूरे हैं, मुकम्मल कौन है, शिकायतें हैं जिन्दगी से भरपूर, यहाँ पर खुश कौन है! होने लगी है मायूसी,Continue Reading

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। दीपावली पर सिर्फ दो घंटे तक ही आतिशबाजी की जा सकती है साथ ही क्रिसमस एवं नूतन वर्ष के आगमन पर एक घंटे के लिए ही आतिशबाजी की इजाजत दी गई है।ऑनलाइन पटाखों की खरीदारीContinue Reading

वो अधूरी शाम, कई अनकही बातें, खामोश लम्हें,तेरा पहला दीदार, इज़हार ए ख्वाब अभी काफ़ी है, तुम्हारा इंतज़ार अभी बाकी है।  एक लम्बी सी काली कार से, उतरते दो लम्बे पाँव, गुलाबी जैकेट से खिला तुम्हारा तन, भीड़ को देख कर, मुस्कुराती तुम्हारी निगाहें, स्वच्छ भारत के लिये, आह्वान करतीContinue Reading