सर पर खुला आकाश पांव ज़मीं पर, ठंडे पवन के मस्त झोंके ,तन पर गिरती टप-टप बारिश की बूँदों ने रोम-रोम को पुलकित किया और प्रेरित किया मनोरम दृश्य के कुछ सुंदर भावों को पन्नों पर अंकित करने का, वही आपके समक्ष लेखनी के माध्यम से अभिव्यक्त कर रही हूँ।Continue Reading

नव वर्ष नव आगमन नए सपनों की आकांक्षाओं का नव वर्ष का आगमन उन उगते सूरज की किरणों का, उन प्रतीक्षाओं का, उन सपनों का,उन उमंगों का, उन उम्मीदों का, उन नए जोश का जो प्रतीक्षण जीने की तमन्ना बढ़ाता है, पर क्या नव वर्ष इंद्रधनुषी रंगों से हमारे जीवनContinue Reading

आज नहीं थमेगा मेरा मन दिखेगा अस्तित्व का दर्पण कलम लिखेगी अल्फाज़ मचलेंगे  होगा जज़्बातो का अर्पण। कौन हूँ कहाँ से आई हूँ क्या जीवन का उद्देश्य क्या मुझे करना है अंतर्मन को कुछ कहना है।  मैं मधु निज़ अस्तित्व को ढूँढती माँ धरती को कर प्रणाम रोज सुबह होताContinue Reading