सर पर खुला आकाश पांव ज़मीं पर, ठंडे पवन के मस्त झोंके ,तन पर गिरती टप-टप बारिश की बूँदों ने रोम-रोम को पुलकित किया और प्रेरित किया मनोरम दृश्य के कुछ सुंदर भावों को पन्नों पर अंकित करने का, वही आपके समक्ष लेखनी के माध्यम से अभिव्यक्त कर रही हूँ।Continue Reading

कल आज से बेहतर कैसे हो? कल को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा, समझ, संस्कार, संकल्प, संगठन, संगति, संघर्ष, संचय, संतुलन, संतुष्टि, संयम, संवेदना, संयुक्त, संशोधन, सकारात्मक सोच, सच्चरित्र,सचेष्टा, सज्जनता, सत्कर्म, सत्यता, सदापर्णी, समदर्शिता, समयनिष्ठा,समर्पण, सरलता, सरसता, सृजनात्मक, सहनशीलता, सहयोगिता,सहृदयता, साझेदारी, सात्विक, साचित्य, सादगी, सामाजिकता, सामंजस्यपूर्ण, साहसी, सार्थक, सारगर्भित, सिद्धांत,Continue Reading