कर्म ही धर्म है कर्म ही पूजा है कर्म ही खुशी है कर्म ही आनंद है कर्म ही धर्म है कर्म ही पूजा है इसके बिना नहीं कुछ और दूजा है… कर्म ही धर्म है कर्म ही पूजा है… अपने बाजुओं में कर भरोसा कर्तव्य पथ पर अग्रसर हो कर्मContinue Reading

सृष्टि के श्री हरि विष्णु तारणहार द्वापर युग कृष्ण रूप लियो अवतार जन्माष्टमी का अद्भुत अपूर्व त्यौहार आनंद उमंग उल्लास हर घर हर द्वार। देवकी माता ने जन्म दियो यशोदा माता बनी पालनहार लाड प्यार में बितायो बचपन नटखट बाल रूप मोहक अपार। कभी माखन चुरा कर दिल लुभायो कभीContinue Reading