बस तुम ही तो हो मेरे जीवन के आधार पल पल गति साँसों की प्राणों के सार मेरे सुख दुख के साथी जन्मों का बंधन ऊर्जा नव संचार प्रियतम का आलिंगन बस तुम ही से बना मेरा प्यारा परिवार अनन्त आकाश धरती मिलन  संसार तुमसे मिला प्रेम  अद्भुत दैवीय मिलनContinue Reading

तीव्र हवाऐं चीरती कानों को छीन लिया ज़िन्दगी का सुकून वृक्ष हिलता पत्ता पत्ता डर रहा तेज़ रफ़्तार से गिरता पड़ता सभंल रहा न जाने क्यूँ दौड़ रहे हैं सब ठहराव नहीं किसी में अब ख़्वाबों के मुकम्मल की आरज़ू में रुकेगा ये काफ़िला कब!